जयपुर जिले में सबसे ज्यादा क्रिटिकल बूथ चौमूं में 23 हैं। इसके बाद शाहपुरा में 20 और चाकसू में 13 बूथ क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए हैं।
वहीं खेजरोली, मनोहरपुर, किशनगढ़-रेनवाल, वाटिका और कानोता में 8-8 बूथ क्रिटिकल हैं। नारायणा, बगरू और जमवारामगढ़ में 7-7, जबकि फागी में 6 क्रिटिकल बूथ हैं।
इसके अलावा कालाडेरा, सांभर लेक, फुलेरा, जोबनेर और दूदू में 5-5 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में हैं। बस्सी में सबसे कम 4 बूथ क्रिटिकल घोषित किए गए हैं।
मतदान के दौरान आदर्श आचार संहिता की पालना को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने मतदान केंद्रों के आसपास चुनावी गतिविधियों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में चुनावी कैंप लगाने पर रोक है।
100 मीटर की परिधि में मतदाताओं से मतयाचना नहीं की जा सकेगी।
मतदाताओं को दी जाने वाली पर्चियां सादे सफेद कागज पर ही होंगी।
पर्ची पर पार्टी, प्रत्याशी या चुनाव चिह्न का उल्लेख नहीं किया जाएगा।
मतदान केंद्र के पास अनावश्यक भीड़ जुटाने पर रोक रहेगी।
निर्वाचन परमिट के बिना वाहनों के संचालन पर सख्ती की जाएगी।
कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-परिवार के मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने पर रोक है।
प्रतिरूपण यानी गलत नाम से मतदान करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के समय मान्य फोटोयुक्त पहचान दस्तावेज साथ लेकर आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता के पास वोटर आईडी नहीं है, तो भी वह निर्धारित वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों के जरिए अपनी पहचान स्थापित कर मतदान कर सकता है।
मान्य विकल्पों में शामिल हैं:
आधार कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
पैन कार्ड
पासपोर्ट
फोटोयुक्त बैंक/डाकघर पासबुक
फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
आयुष्मान हेल्थ कार्ड
मनरेगा कार्ड
सरकारी कर्मचारियों का फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
सांसद/विधायकों का सरकारी पहचान पत्र
UDID कार्ड
प्रशासन के अनुसार इन दस्तावेजों का चुनाव की लोक सूचना जारी होने से पहले का होना आवश्यक है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में सहयोग करें।
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