दौसा | दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद दौसा जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिला कलेक्टर Soumya Jha के निर्देश पर पुलिस, प्रशासन और NHAI ने संयुक्त अभियान चलाकर एक्सप्रेसवे के किनारे बने अवैध अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाया। अभियान के तहत अब तक 38 स्थानों से अवैध अस्थायी होटल, ढाबे, दुकानें और अन्य व्यावसायिक निर्माण हटाए जा चुके हैं।
प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण और यातायात में बाधा बनने वाली गतिविधियां सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रही थीं। हाल ही में एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।
जिला कलेक्टर सौम्या झा ने बताया कि जांच में पाया गया कि हाईवे पर लगे कई साइन बोर्ड स्पष्ट नहीं थे और कई स्थानों पर दिशा सूचक एरो (Directional Arrows) भी नहीं लगाए गए थे। इससे वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी और एक बस तथा ट्रेलर की टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सड़क सुरक्षा सुधारने और दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान नांगल राजावतान थाना क्षेत्र से 12, पापड़दा से 9, राहुवास से 7, लालसोट से 6, बांदीकुई से 2, कोलवा से 1 तथा झांपदा से 1 अवैध अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेसवे के आसपास किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह अभियान Rahul Prakash, जयपुर रेंज आईजी, और Piyush Dixit, दौसा एसपी, के निर्देशन में चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Shankar Lal Meena और Vinod Kumar Seepa के सुपरविजन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस और NHAI की टीम अभियान को अंजाम दे रही है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के आसपास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें तथा सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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