अलवर जिले में जल संरक्षण कार्यों को गति देने के उद्देश्य से वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने गुरुवार को विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राज्य सरकार द्वारा जल संकट से निपटने और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma के जल संचयन विजन के तहत मंत्री ने माचिया कुंड, जरख वाला एनीकट और प्रताप बंध जोहड़ी का मौके पर पहुंचकर बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री संजय शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य आगामी वर्षा ऋतु से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना था कि यदि समय रहते ये परियोजनाएं पूरी हो जाती हैं तो वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो सकेगा, जिससे क्षेत्र में जल स्तर में सुधार आएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुंड, जोहड़ और एनीकट को पुनर्जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
इस दौरान नगर निगम सभापति सोहन सिंह नरूका, रेंजर ऑफिसर शंकर सिंह शेखावत, भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने भी कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और आवश्यक सुझाव दिए।
सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं के माध्यम से जिले में जल संसाधनों को मजबूत किया जाए और आमजन को भविष्य में पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
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