करौली : करौली जिले के किसानों का दो दशक पुराना इंतजार उस समय निराशा में बदल गया, जब 20 साल बाद पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़ा गया पानी महज आधे घंटे बाद ही रुक गया। तकनीकी खराबी के कारण पानी कुंसाय गांव तक नहीं पहुंच सका, जिससे नाराज किसानों ने गंगापुरसिटी–हिंडौनसिटी मेगा हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक नहर में पानी नहीं पहुंचेगा, तब तक उनका धरना और जाम जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, शाम करीब पौने पांच बजे जैसे ही किसानों को पता चला कि नहर में पानी रुक गया है, बड़ी संख्या में ग्रामीण हाईवे पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने पर्याप्त तैयारी किए बिना पानी छोड़ा, जिससे उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। उनका कहना है कि खरीफ सीजन में सिंचाई के लिए यह पानी बेहद जरूरी है और बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
इधर, कुंसाय गांव में पांचना बांध के पानी के स्वागत के लिए जल पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सिंचाई मंत्री सुरेश रावत, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के शामिल होने का कार्यक्रम था। लेकिन किसानों के विरोध और हाईवे जाम के चलते कार्यक्रम प्रभावित हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी मौके पर पानी पहुंचने की मांग पर अड़े रहे।
जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता वी.के. शर्मा ने बताया कि बांध के गेट में अचानक तकनीकी खराबी आने से पानी का प्रवाह रुक गया। गेट के नीचे गिरने के कारण नहर में जल आपूर्ति बाधित हुई। समस्या के समाधान के लिए एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों को बुलाया गया है। विभाग का कहना है कि तकनीकी खराबी दूर होते ही नहरों में दोबारा पानी छोड़ा जाएगा। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और किसानों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
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