जयपुर, 1 मई 2026
भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रभावी योजनाएं लागू कर रही है। सरकार की इन पहलों से न केवल श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है, बल्कि उनके परिवारों, विशेषकर बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि “समृद्ध और विकसित राजस्थान” का सपना तभी साकार हो सकता है, जब समाज के हर वर्ग का समावेशी विकास हो। इसी सोच के साथ पिछले सवा दो वर्षों में श्रमिकों के हित में कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (बीओसीडब्ल्यू) के माध्यम से प्रदेश में 20 लाख से अधिक श्रमिक विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना और उनके जीवन को आर्थिक रूप से स्थिर बनाना है।
सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावित श्रमिकों को राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। बीमारी होने पर 3 लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे प्रभावित परिवारों को सहारा मिल सके।
निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 9 लाख से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूल, आईटीआई, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ाई में सहायता मिल रही है।
इसके अलावा, प्रसूति सहायता योजना के तहत महिला श्रमिक या श्रमिक की पत्नी को बच्चे के जन्म पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
राज्य सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं लागू की हैं।
ये योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को कठिन समय में आर्थिक सहारा प्रदान करती हैं।
श्रमिकों की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए टूल किट सहायता योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 18 हजार श्रमिकों को आर्थिक मदद दी गई है। इससे उनके रोजगार के अवसर और आय में वृद्धि हुई है।
राज्य सरकार श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
इसके अलावा, विदेश में रोजगार के लिए वीजा खर्च और व्यवसायिक ऋण पर ब्याज सहायता भी दी जा रही है।
श्रमिकों के लिए सभी योजनाओं की आवेदन और निस्तारण प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। एलडीएमएस पोर्टल के माध्यम से समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंच रही है।
राजस्थान सरकार के ये प्रयास श्रमिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। इससे न केवल श्रमिकों का जीवन स्तर सुधर रहा है, बल्कि राज्य के समग्र विकास को भी गति मिल रही है।
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